राशिफल: देखें जाते-जाते साल किन्‍हें दे रहा लाभ

आज चंद्रमा का संचार शनि की राशि कुंभ में हुआ है। इस राशि में भ्रमण करता हुआ चंद्रमा जाते-जाते इस साल को 5 राशियों के लिए लाभप्रद बना रहा है। देखिए आपके लिए दिन कैसा रहेगा।

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आज महाराष्ट्र मंत्रिमंडल विस्तार समेत इनपर नजरें



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तस्वीरों में क्रिकेट के 5 विवाद: धोनी ने आपा खोया, पहली बार सुपर ओवर टाई होने पर नया विश्व चैंपियन मिला

खेल डेस्क.इस साल क्रिकेट की दुनिया में ऐसे कई विवाद हुए, जो सुर्खियां बने। शुरुआत हार्दिक पांड्या और केएल राहुल के चैट शो 'कॉफी विद करण' में महिलाओं को लेकर दिए आपत्तिजनक बयान से हुई। इसके चलते दोनों पर जुर्माना तो लगा ही ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच से वापस भारत भेजा गया। वहीं, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी पर नस्लीय टिप्पणी के कारण 4 मैच के लिए बैन किया गया। अक्सर मैदान पर शांत रहने वाले महेंद्र सिंह धोनी भी इस साल आपा खो बैठे। आईपीएल के एक मैच में अंपायर के फैसले से नाखुश होकर वह मैदान में पहुंच गए और विवाद खड़ा कर दिया। तस्वीरों में देखिए, क्रिकेट से जुड़े साल के पांच विवाद...

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Big Controversies of Cricket in Photos : MS Dhoni gets Angry, England won World Cup by Boundary Count rule after Super Over Tie


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किपचोगे 2 घंटे से कम में मैराथन पूरी करने वाले पहले रनर, रोनाल्डो ने 2.56 मीटर जंप कर हेडर से गोल किया

खेल डेस्क. केन्या के इलियुड किपचोगे 2 घंटे से कम में मैराथन पूरी करने वाले पहले रनर बने। उन्होंने 42 किमी की दौड़ एक घंटे 59.40 मिनट में पूरी की। उनकी उपलब्धि ऑफिशियली दर्ज नहीं की गई, क्योंकि ये ओपन कम्पटीशन नहीं था। किपचोगे ने पेसमेकर्स का भी उपयोग किया था। दूसरी ओर, इटैलियन फुटबॉल क्लब युवेंटस के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने सेंपडोरिया के खिलाफ 2.56 मीटर जंप कर हेडर से गोल किया। वे 1.5 सेकंड हवा में रहे। फुटबॉल में ऐसे मौके कम देखने को मिलते हैं। रोनाल्डो की तुलना बास्केटबाॅल खिलाड़ी लेब्रन जेम्स से की गई।

इलियुड किपचोगे।

एथलेटिक्स में मदर्स-डे
1. वर्ल्ड एथलेटिक्स में एक दिन में 3 महिला खिलाड़ियों ने गोल्ड जीते। अमेरिका की एलिसन फेलिक्स ने 4x400 मी मिक्स्ड रिले में गोल्ड जीता।

एलिसन फेलिक्स।

2. जमैका की शेली एन फ्रेजर प्राइस ने 100 मीटर रेस में गोल्ड जीता। 32 साल की प्राइस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला खिलाड़ी।

शेली एन फ्रेजर प्राइस।

3. चीन की लियू होंग ने 20 किमी रेस वॉक में गोल्ड जीता। 32 साल की लियू ने अपने से उम्र में छोटी 28 साल की शिंजी कीयांग को हराया।

लियू होंग।

यंग गन्स
1. कनाडा की टेनिस खिलाड़ी बियांका आंद्रेस्कू ने यूएस ओपन जीता। वे 13 साल बाद ग्रैंड स्लैम चैंपियन बनने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथबियांका आंद्रेस्कू।

2. 22 साल की सिमोन बाइल्स के वर्ल्ड जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में 25 मेडल। वे सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाली जिम्नास्ट बनीं।

सिमोन बाइल्स।

अपने जैसे बच्चे से मिलने का सुख
कार्सन पिकेट अमेरिका की क्लब फुटबॉल टीम ओरलैंडो प्राइड की तरफ से खेलती हैं। मैदान पर काफी तेज-तर्रार कार्सन का बायां हाथ नहीं है। हाथ में कोहनी के नीचे का हिस्सा उन्होंने बचपन में एक हादसे में खो दिया था। ओरलैंडो प्राइड और स्काई ब्लू टीम के बीच मैच में कार्सन ने स्टैंड में नन्हेे जोसफ को देखा। जोसफ का भी बायां हाथ नहीं है। ब्रेक मिलते ही कार्सन भागी-भागी जोसफ के पास आईं। अपने बाएं हाथ से 25 महीने के जोसफ के बाएं हाथ पर पंच किया।

नन्हेे जोसफ के साथ कार्सन।

बेस्ट कोट:
लियोनेल मेसी ने छठा बैलेन डी ऑर जीतने के बाद कहा था- 10 साल पहले जब पहली बार गोल्डन बॉल लेने आया था, तब तीन भाई साथ थे। 10 साल बाद 3 बच्चों के साथ ले रहा हूं। संन्यास का समय निकट आ रहा है।



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क्रिस्टियानो रोनाल्डो हेडर से गोल करते हुए।


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इंग्लैंड पहली बार क्रिकेट का चैम्पियन, बाउंड्री काउंट से जीता; युवराज ने खेल छोड़ा

खेल डेस्क. क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में दो ऐसी टीमें थीं, जिन्होंने पहले कभी वर्ल्ड कप नहीं जीता था। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड। फाइनल रोमांच के चरम तक पहुंचा। मैच तो टाई हुआ ही, सुपर ओवर भी टाई। लिहाजा बाउंड्री काउंट के नियम के आधार पर इंग्लैंड पहली बार विजेता बना। न्यूजीलैंड की टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी। पिछली बार 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने हराया था। वर्ल्ड कप फाइनल के बाद बाउंड्री काउंट नियम की आलोचना हुई। नियम बदला। अगर सुपर ओवर टाई हुआ तो फिर सुपर ओवर।

टेस्ट में पहली बार कन्कशन रिप्लेसमेंट
आईसीसी ने फैसला किया कि मैच में किसी बल्लेबाज को सिर पर चोट (कन्कशन) लग जाती है, तो टीम उसकी जगह दूसरे खिलाड़ी को शामिल कर सकती है।

2011 वर्ल्ड कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज ने खेल छोड़ा
2011 वर्ल्ड कप के मैन ऑफ द टूर्नामेंट युवराज ने संन्यास लिया। कैंसर से लड़े। फिर वापसी की। आज भी आईपीएल ऑक्शन के सबसे महंगे खिलाड़ी।

परिवार के साथ युवराज सिंह।

बिग डील्स
1. ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने। कमिंस को केकेआर ने 15.50 करोड़ रु. में खरीदा। भारतीय खिलाड़ियों में 31 साल के पीयूष चावला सबसे महंगे रहे। उन्हें 6.75 करोड़ में चेन्नई सुपरकिंग्स ने खरीदा।

पैट कमिंस।

2. क्रिस्टियानो रोनाल्डो इंस्टाग्राम से सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ी बने। वे एक पोस्ट से 6.9 करोड़ रु. कमाते हैं। एक साल में इंस्टाग्राम पोस्ट से 340 करोड़ रु. कमाए।



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इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को फाइनल में हराया।


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मैंने अपने बच्चों की कहीं भी सिफारिश नहीं की, उन्होंने सब कुछ अपनी मेहनत से पाया: आसिफ शेख

बॉलीवुड डेस्क. वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय आसिफ शेख बॉलीवुड और टेलीविजन में समान रूप से काम करते आए हैं। चार वर्षों से कॉमेडी शो ‘भाभीजी घर पर हैं’ में लीड रोल प्ले कर रहे आसिफ ने तरह-तरह के रोल निभाए। जमीन से जुड़े आसिफ वर्षों से ज्यों के त्यों नजर आ रहे हैं। आसिफ से करियर, सेहत आदि पर बातचीत:

चार साल से एक ही शो कर रहे हैं, ताजगी बरकरार रखने के लिए क्या खास करते हैं?

ताजगी के लिए कुछ नया-नया करना पड़ता है। हम लोग परफॉर्मेंस, डायलॉग से लेकर कॉस्टयूम तक को ताजा बनाए रखने की कोशिश करते हैं। राइटर-डायरेक्टर जब नए एपिसोड के बारे में बताता है, वहीं से हमारा होमवर्क शुरू हो जाता है। ज्यादातर मेरा करेक्टर डिफरेंट होता है, इसलिए डायलॉग से लेकर कास्ट्यूम आदि के बारे में डिस्कस करते हैं। दरअसल यह कॉमेडी शो है तो इसमें इन्वॉल्व रहने की कोशिश करते हैं ताकि कुछ रिपीट न करें। इस शो का एक्साइमेंट है, उसे बरकरार रखना बहुत जरूरी है।

साल-छह महीना फिल्म या सीरियल करते हैं, तब यह फैमिली जैसा माहौल बन जाता है। आप सब चार साल से कर रहे हैं। आखिर कैसा माहौल बन पड़ा है?

चार साल से एक-दूसरे से मुलाकात हो रही है, एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी होते हैं, साथ में खाना-पीना, हंसना-रोना सब कुछ होता है, सो एक फैमिली जैसा माहौल बन गया है। यह ऐसा डेलीसोप नहीं है कि जिसमें हम झगड़कर बैठे हों और हमारा अलग-अलग शॉट ले लिया जाए। इसके लिए आपस में डिस्कशन, इंटैरेक्शन और बॉडिंग बनाकर चलना पड़ता है। ऑफ स्क्रीन अच्छा माहौल है, तभी तो वह स्क्रीन पर दिख पर रहा है। मेरी तो अनीता, तिवारी जी सबके साथ बनती है। सीनियर हूं, सो मेरी सभी बहुत इज्जत और मान-सम्मान करते हैं। मैं भी सभी को अपने दोस्तों और भाइयों की तरह मानता हूं। हम सब घुल-मिलकर प्यार-मोहब्बत से रहते और काम करते हैं।

‘हमलोग’ से लेकर ‘भाभीजी घर पर हैं!’ तक टेलीविजन जगत क्या बदला हुआ पाते हैं, जो बतौर एक्टर आपको अखरता हो?

पहले एक्टर को अपने किरदार की तैयारी के लिए वक्त मिलता था, वह अब नहीं मिलता है। अब प्रॉब्लम यह है कि रोज की दुकान हो गई है। कई बार ऐसा लगता है कि शॉट को दोबारा लेना चाहिए, पर समय की कमी के चलते कुछ नहीं कर सकते। ऐसे में क्वालिटी सफर करती है। अगर वही दिन में दो-तीन शॉट करने हों, तब ठीक है। यहां तो दिन में सात-सात सीन करने पड़ते हैं, तब क्वालिटी उसमें डिस्ट्रीब्यूट हो जाती है।

पहले सालों-साल धारावाहिक चलते थे। अब कुछ महीनों या साल-भर ही चलते हैं। इस चलन को किस तरह से देखते हैं?

अब लोगों के पास अच्छे कन्टेंट देखने के लिए बहुत सारे ऑप्शन आ गए हैं। ऐसे में कॉम्प्टीशन बहुत बढ़ गया है। अब तो वही दिखेगा, जिसमें दम होगा। कॉन्टेंट में जब जान नहीं होती है, तब छह महीने क्या तीन महीने में ही शोज उतर जाते हैं।

टेलीविजन की अब धीरे-धीरे दर्शकता कम होती जा रही है, पहले जैसा अब टेलीविजन कहां देखते हैं लोग! अब तो टीवी का माध्यम ऐसा हो गया है कि उसे घर बैठकर ही देखने की जरूरत नहीं है, इसे कहीं भी देख सकते हैं। हां, अगर कोई अच्छा काम करता है, तब उसके लिए ऑडियंस अप्रीशिएट भी करती है।

बढ़ता माध्यम कहें या बदलता चलन, आज टेलीविजन स्टार फिल्मों और वेब सीरीज की तरफ रुख कर रहे हैं। आप तो उम्दा फिल्में कर चुके हैं, फिर फिल्मों से दूरी क्यों बनाए हुए हैं?

दूरी नहीं बनाया हूं। मेरे साथ सबसे बड़ी बात यह है कि मुझे टाइम ही नहीं मिलता है। मैंने ‘भारत’ फिल्म को बहुत मुश्किल से टाइम निकाल कर किया। फिल्म में अगर डिफरेंट रोल कर रहे हैं, तब उसके लिए 20 से 25 दिन चाहिए होता है। यहां चार दिन की छुट्टी मांगता हूं, तब मुझे मना कर दिया जाता है। अब बताइए कैसे फिल्म करूं मैं! ‘भारत’ में काम करके मुझे बड़ा मजा आया। फिल्म का एक चॉर्म होता है। उसे करने का एक अलग ही मजा आता है। दरअसल, मैं लाइफ में प्लानिंग नहीं करता हूं। जब भी प्लानिंग करता हूं, तब दुखी होता हूं। जिंदगी जहां और जिस मोड़ पर ले जाती है, उस मोड़ पर चला जाता हूं।

साल 2019 कैसा रहा? नए साल की क्या खास गतिविधियां होंगी?

मैं ऐसी कोई प्लानिंग नहीं करता हूं कि अगले साल तीन फिल्में करूंगा, अगर तीन फिल्में नहीं मिली तो? साल में दो से तीन फिल्में करता आया हूं। लेकिन चार साल से एक ही फिल्म कर पाया हूं, क्योंकि डेट प्रॉब्लम होती है। ‘भाभीजी घर पर हैं’ शो के लिए मेरी सबसे बड़ी कमिटमेंट है। सबको छुट्‌टी मिल जाती है, पर मुझे नहीं मिलती है। मुझे अगर 2 दिन की छुट्टी मिल जाए, तब समझता हूं कि लाइफ में बहुत बड़ा अचीवमेंट हुआ है। इसलिए कुछ कमिटी नहीं कर सकता। मैंने ‘भारत’ के लिए कैसे खींचतान करके डेट्स निकाले वह मैं ही जानता हूं। इस फिल्म को कभी तीन दिन, कभी चार तो कभी पांच दिन, ऐसा करके कुल 20 दिन का डेट्स दिया।

अच्छा, बरसों से देखते आए हैं कि आपकी फिटनेस ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसका राज क्या है?

देखिए, इसका राज तो मैं जानता नहीं हूं। ऊपर वाले का करम है, जो मुझे फिट रखा है। मेरा फिटनेस का मूल मंत्र यही है कि सब कुछ खाता हूं, पर भूख से दो रोटी कम खाता हूं। एक्सरसाइज मैं रेगुलर करता हूं। मेरी सेहत के लिए जो अच्छा है वही खाता हूं। बहुत सोच समझ कर खाता हूं। मुझे डायबिटीज तो नहीं है, पर साल भर हो गए शुगर छोड़ दिए। एक साल से मीठे में केक, शक्कर, मिठाई कुछ भी नहीं खाया। मेरी लाइफ में शुगर है ही नहीं। अगर जिंदगी में कोई जहर है, तब वह शुगर है। जिंदगी में जितनी भी बीमारियां आती हैं, वह सब शुगर की वजह से आती हैं। शुगर नहीं खाएंगे तो लाइफ में खुश हो जाएंगे।

साल भर से आपने शुगर छोड़ा है, इसका सेहत पर क्या असर पड़ा?

मुझ में बहुत सारी चीजें पहले से बेहतर हो गई हैं। अब बेहतर एनर्जी है, स्किन बेटर है, बॉडी लैंग्वेज बेटर हुई है। सुबह एक्सरसाइज करता हूं, शाम को साइकिलिंग और आधा घंटा वॉक करता हूं। बस, इतना ही करता हूं। जिम में घंटों पसीना नहीं बहाता। उतना ही करता हूं, जितनी मेरी बॉडी सहन कर सके।

आपके बच्चे बड़े हो गए हैं। वे क्या कर रहे हैं?

मेरी बेटी एक कंपनी से जुड़ी है। वह कंपनी इवेंट वगैरह भी करती है, पर बिहाइंड द स्क्रीन काम करती है। मेरा लड़का इस समय करण जौहर का डीए यानी डायरेक्टर असिस्टेंट है। उसने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर चार फिल्में- ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’, ‘केसरी’, ‘पंगा’, ‘बाला’ की। अब करण जौहर के साथ ‘तख्त’ कर रहा है। सबसे खुशी की बात यह है कि बच्चों ने सब कुछ अपनी मेहनत से हासिल किया है। मैंने उनके लिए कहीं पर एक लफ्ज भी नहीं बोला है।



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I did not recommend my children anywhere, they got everything through their hard work: Asif Sheikh


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ठंड के साथ कोहरे की मार, 'गायब' हो गया दिल्ली-NCR



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The Decade We Changed Our Minds


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अस्पताल से 3 दिन बाद डिस्चार्ज हुए मुलायम



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बैंक लोन, जीएसटी, स्टैंडअप इंडिया आदि को इंडस्ट्री के डाउनफाल के बताए कारण, प्रधानमंत्री बोले- सरकार इन बिंदुओं पर करेगी विचार

फरीदाबाद.लगातार इंडस्ट्री में आ रही गिरावट से चिंतित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरीदाबाद समेत देश के चुनिंदा उद्यमियों को बुलाकर ढाई घंटे तक दिल्ली स्थित अपने आवास पर मंथन किया। इस दौरान उन्होंंने विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों के प्रतिनिधियों के माध्यम से इंडस्ट्री में आ रही मंदी के कारणों को जाना। बैठक में फरीदाबाद से इंटीग्रेटेड एसोसिएशन आफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज ऑफ इंडिया (आईएएमएसएमई) के चेयरमैन राजीव चावला समेत रिटेल सेक्टर, एनर्जी और सोलर समेत अन्य क्षेत्रों के 12 उद्यमी शामिल हुए। चावला के अनुसार प्रधानमंत्री ने ढाई घंटे तक सिर्फ उद्यमियों के सुझावों को सुना और उन्हें नोट भी किया। बैठक के शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि मार्केट में अर्थव्यवस्था के जो हालात हैं उन पर खुलकर बगैर किसी संकोच के बात करें। जिससे इंडस्ट्री के सामने आ रही समस्याओं को सुधारने का प्रयत्न किया जा सके।

इंडस्ट्री 5 लाख से अधिक काे दे रही रोजगार
फरीदाबाद औद्योगिक स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री हब के रूप में जानी जाती है। यहां करीब 20 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इन इकाइयों में 5 लाख से अधिक लोगों को डायरेक्ट-इनडायरेक्ट तौर पर रोजगार मिला हुआ है।

बैंकों से लोन लेने में आ रही दिक्कत
आईएएमएसएमई के चेयरमैन एवं बैठक में शामिल राजीव चावला ने प्रधानमंत्री को बताया कि स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्रीज में आ रही गिरावट का प्रमुख कारण बैंकों से लोन लेने में आनी वाली समस्याएं हैं। बगैर किसी सिक्योरिटी के बैंक लोन देने को तैयार नहीं होते। ऐसे में छोटे उद्यमी अपना उद्योग ठीक ढंग से नहीं चला पाते हैं। आखिर में उन्हें इंडस्ट्री को बंद करना पड़ता है।

भारी भरकम प्रीपेड चार्ज वसूलना गलत
चावला ने पीएम को बताया कोई स्मॉल इंडस्ट्रीज अपना लोन बीच में चुकाना चाहती है तो बैंक उससे 5 फीसदी तक चार्ज वसूलते हैं। यदि किसी उद्यमी ने तीन करोड़ का लोन लिया है और वह बीच में ही लोन समाप्त करना चाहता है तो उसे पांच फीसदी के हिसाब से करीब 15 लाख रुपए जुर्माना भरना पड़ेगा।

जीएसटी में भेदभाव

चावला के अनुसार प्रधानमंत्री को बताया गया कि सरकार जीएसटी का सरलीकरण कर रही है वहीं दूसरी ओर ऐसे नियम बनाए जा रहे हैं कि छोटे उद्योगों से बड़ी इंडस्ट्री सामान लेने से न कतराएंं। उन्होंंने बताया कि 5 करोड़ तक की इकाइयों को हर तिमाही रिटर्न भरना पड़ता है जबकि इससे नीचे की इकाइयों को हर महीने। माल लेने वाला अपना रिटर्न नहीं भरेगा तब तक छोटी इंडस्ट्री को जीएसटी का क्रेडिट नहीं मिलेगा।

इनकम टैक्स वसूली में भारी भेदभाव

उन्हांेने कहा कि सरकार प्राइवेट और लिमिटेड कंपनियों से इनकम टैक्स 22 फीसदी लेती है जबकि स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्रीज से 30 फीसदी इनकम टैक्स वसूला जाता है।

पीएम ने सुझावों को ध्यान से सुना

चावला ने बताया कि प्रधानमंत्री ने देशभर के आए 12 औद्योगिक सेक्टरों के सुझावों को ध्यान से सुना और उन्हें नोट भीकिया। इस बैठक में न कोई अन्य मंत्री शामिल था और न ही पीएमओ का कोई अधिकारी। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिया कि जो सुझाव आए हैं उन पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। इंडस्ट्री में छाई मायूसी को दूर किया जाएगा।



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नई दिल्ली में बैठक खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देशभर से आए उद्यमी।


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New top story on Hacker News: Principles of the American Cargo Cult (2003)

Principles of the American Cargo Cult (2003)
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