लॉकडाउन 4 में दी जा रही छूट के तहत गुड़गांव जिले के लगभग सभी छोटे-बड़े उद्योगों में काम शुरू हो गया, मगर दहशत के माहौल में उत्पादन कार्यों में तेजी नहीं आ पा रही है। बाजार में उत्पाद की मांग कम होने के चलते कंपनियों में महज 5 फीसदी उत्पाद की बिक्री हो पा रही हैं। इन दिनों प्रशासन द्वारा गुड़गांव की लगभग सभी कंपनियों को 70 फीसदी कर्मियों के साथ काम करने की अनुमति दी जा चुकी हैं। लगभग सभी कंपनियां खुल चुकी हैं और उत्पादन की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, मगर अन्य राज्यों में आवाजाही की पाबंदी और उत्पाद की मांग कम होने के कारण उद्योगों की कुल क्षमता का महज 15 से 20 फीसदी ही उत्पादन संभव हो पा रहा है।
मारुति सुजूकी के मानेसर प्लांट हो चालू हुए लगभग एक महीना हो गया, मगर अभी तक केवल पहले शिफ्ट में ही काम हो पा रहा है। उसमें भी नाम मात्र ही कार बाई जा रही है। कंपनी के आकड़ों के अनुसार आम दिनों में पूरे देश में प्रतिदिन जहां 4 हजार मारुति कार की बुकिंग होती थी, वहीं बीते 20 दिनों में महज 10 हजार कार की बुकिंग हो सकी है। इस तरह से वर्तमान में पूरे देश में प्रतिदिन मुश्किल से 500 कार की बुकिंग हो पा रहे हैं। एनसीआर चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट एचपी यादव व इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन के चेयरमैन दीपक मैनी का कहना है कि जब तक पूरे दिश में बेरोक-टोक आवाजाही शुरू नहीं होगी, तब तक उद्योगों में उत्पादन को गति नहीं मिल सकती।
इलाज से मना किया तो निजी अस्पतालों पर होगी कार्रवाई
कोरोना के संदिग्ध व संक्रमित मरीजों का इलाज करने से मना करने वाले निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ अब कार्रवाई होगी। जिलाधीश अमित खत्री ने इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी अस्पताल कोरोना के मरीज या किसी अन्य बीमारी के गंभीर मरीज को अपने अस्पताल या नर्सिंग होम में इलाज देने से मना करेगा या आनाकानी करेगा तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम-1897 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को अस्पतालों के खिलाफ काफी समय से शिकायत मिल रही थी।
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