लॉकडाउन की वजह से सड़कों से गाड़ियां नदारद हैं। केवल वही लोग निकल रहे हैं, जो अनिवार्य सेवाओं से जुड़े हुए हैं। उनमें डॉक्टर्स, नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी, एमसीडी कर्मचारी आदि लोग शामिल हैं। इन दिनों कोरोना संक्रमण के खतरे को देख मैनुअल तरीके से ट्रैफिक पुलिस चालान नहीं काट रही, लेकिन वे कैमरों के जरिए धड़ाधड़ चालान जरूर काट रहे हैं। डॉ. हैदर अली ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस ने महज दस दिन के अंदर ही उन्हें 19 चालान भेज दिए हैं, जो ओवर स्पीडिंग के थे।
इन दो मामलों से समझिए कोरोना वॉरियर्स की हालत
- डायरेक्टर और सीनियर कंसलटेंट डिपार्टमेंट ऑफ यूरोलॉजी एंड रेनल ट्रांसप्लाटेंशन, नारायणा हेल्थ डॉक्टर विकास जैन को ट्रैफिक पुलिस बीते पंद्रह दिन में सात चालान भेज चुकी है। ये चालान स्टॉप लाइन का उल्लंघन, रेड लाइट जंपिंग और ओवर स्पीडिंग के तहत काटे गए हैं, जिनमें जुर्माना पांच सौ रुपए से दो हजार रुपए तक का है।
- डॉक्टर विकास जैन शालीमार बाग एरिया में रहते हैं। उनकी ड्यूटी धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल मयूर विहार व नारायणा सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल गुड़गांव में चल रही है। विकास ने कहा कि सड़क पर काफी रेड लाइट बंद पड़ी हैं। फिर भी चालान रेड लाइट जंपिंग जैसे सैक्शन के तहत काटे गए हैं।
चालान को लेकर सोशल मीडिया पर भड़के डॉक्टर
रोज इस तरह से डॉक्टरों के काटे जा रहे चालान के कारण सोशल मीडिया पर भी ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही है। यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्री से लेकर स्वास्थ मंत्री तक को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है। डॉक्टरों का कहना है कि वे सड़क पर इसलिए जल्दबाजी में होते हैं क्योंकि एक तो अस्पताल जाने की जल्दी होती है और दूसरा सड़क पर रेड लाइट भी ठीक से काम नहीं कर रहीं।
चालान घर भेजे जा रहे हैं...
दुख की बात ये है एक तरफ सरकार डॉक्टर्स को कोरोना योद्धा पुकार रही हैं, दूसरी तरफ इस प्रोफेशन के लोगों के ही सड़क पर धड़ाधड़ चालान काट घर भेजे जा रहे हैं।
33 दिनों में काटे गए 4,54,438 चालान
- दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान ओवर स्पीडिंग के ही पुलिस 4,54,438 चालान काट चुकी है।
- कैमरे के जरिए काटे गए ये चालान 25 मार्च से 26 अप्रैल तक के हैं।
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