देश को अगले 21 महीने बाद यानी 2022 तक नया संसद भवन मिल जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिसंबर की दोपहर 1 बजे नए संसद भवन परिसर का शिलान्यास करेंगे। नए भवन के निर्माण में लगभग 971 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मौजूदा संसद भवन की नींव 12 फरवरी 1921 को रखी गई थी। अंग्रेजों ने 1927 तक इसका निर्माण पूरा किया था।
छह साल में बनी संसद की निर्माण लागत 83 लाख रुपए आई थी। 18 जनवरी 1927 को तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड इरविन ने उसका उद्घाटन किया था। इस तरह नया संसद भवन पुराने संसद भवन के मुकाबले एक तिहाई समय में तैयार हो जाएगा, लेकिन लागत करीब 1200 गुना आएगी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के मुताबिक, नए भवन में संसद सदस्यों के लिए लाउंज, लाइब्रेरी, समिति कक्ष और भोजन कक्ष भी होंगे। डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे संसद को पेपरलेस बनाने में मदद मिलेगी। नई इमारत में 888 लोकसभा और 384 राज्यसभा सदस्य बैठ सकेंगे।
मौजूदा भवन में 543 लोकसभा और 245 राज्यसभा सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है। नया भवन आत्मनिर्भर भारत की मिसाल बनेगा। इसे पूरी तरह भारतीय लोग तैयार करेंगे। इसके निर्माण में 2000 लोग प्रत्यक्ष और 9000 लोग अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे।
खासियतें आजादी की 75वीं वर्षगांठ का सत्र नए भवन में होगा
- नई इमारत की ऊंचाई मौजूदा भवन के बराबर होगी।
- भूकंप रोधी इमारत त्रिकोणीय होगा। आसमान से तीन रंगों की किरणें दिखेंगी।
- नया भवन 65 हजार वर्ग मीटर में होगा। 16,921 वर्ग मीटर अंडरग्राउंड होगा।
- नए भवन का निर्माण टाटा समूह करेगा।
- सांसदों के बैठने की व्यवस्था ज्यादा आरामदायक होगी। टू सीटर बैंच होगी यानी एक टेबल पर दो सांसद ही बैठ सकेंगे।
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