लॉकडाउन खत्म होने के पहले 24 अप्रैल की रात को गृहमंत्रालय ने एक आदेश जारी करके कहा कि शॉपिंग कॉम्पलेक्स की जगह मार्केट कॉम्पलेक्स के दुकान नहीं खोलने और नगर निगम के दायरे में आने वाली रजिस्टर रेजिडेंशियल और मार्केट कॉम्पलेक्स की दुकान मल्टी ब्रांड या सिंगल ब्रांड की दुकान को छोड़कर खुल सकती हैं। इसमें छुटपुट दुकान और रेजिडेंशियल कॉम्पलेक्स की दुकान शामिल थीं। ये खबर सुनकर मार्केट में लोग दुकान तक कहीं-कहीं पहुंचे भी लेकिन दिल्ली सरकार का कोई आदेश नहीं आने व पुलिस की तरफ से आगाह करने पर लोगों ने दुकान नहीं खोली। भास्कर के 4 रिपोर्टर ने 4 इलाकों का जायजा लिया।
वहां एक जगह बिजली की दुकान जरूर खुली मिली लेकिन बाकी जगह दुकानें बंद मिलीं। दुकानदार खुद ये कहते मिले, जान पहले है। प्रकोप कम होने तक इंतजार किया जा सकता है।
उधर, दिल्ली पेपर मरचेंट्स एसोसिएशन के महामंत्री पीयूष जैन ने सभी सदस्य दुकानदारों को एक संदेश प्रेषित करते हुए कहा, “एसोसिएशन के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया आदेश जोकि 24 अप्रैल 2020 का है जिसमें केवल ग्रीन जोन स्थित एकल दुकानें शर्तों के साथ खोलने के लिए आदेश किया गया है, से अभी कोई भी कार्रवाई तत्काल न करें। इस आदेश के परिप्रेक्ष्य में अभी दिल्ली सरकार इसे नोटिफाई करके एक और आदेश करेगी, वह आदेश प्रभावी होगा तब तक के लिए प्रतीक्षा करें।” कागज व्यापारियों के इस कदम का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्रों पर पड़ेगा।
कागज कारोबार बंद होने के कारण छात्रों को नोटबुक्स एवं अन्य प्रकार की स्टेशनरी मिलने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं। दिल्ली में कागज की सबसे बड़ी मार्केट चावड़ी बाजार के सभी व्यापारियों को एसोसिएशन के इस निर्णय से अवगत कराया गया है जिसके बाद यहां कारोबारियों ने फिलहाल दुकान न खोलने का फैसला किया है। मयूर विहार फेज-1 मार्केट में शनिवार सुबह से ही लंबे समय बाद पंखे की दुकानें खुली थीं। दुकान पर ग्राहक आ रहे थे। जिनको सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही थी।
गुरुद्वारा रोड मार्केट में भी दिखा लॉकडाउन का असर
कोटला मुबारकपुर क्षेत्र की गुरुद्वारा रोड मार्केट में शनिवार को लॉकडाउन का पूरा असर देखा गया। केवल वही दुकानें खुली जिन्हें पहले से अनुमति थी। पंखे और कॉपी-किताब की सभी दुकानें बंद रहीं। आने वाले दिनों में ये दुकानें खुलेगीं या नहीं इसे लेकर दिल्ली सरकार अपने स्तर पर मंथन कर रही है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख अब दुकानदार खुद जल्दबाजी में दुकान खोलने के मूड में नहीं हैं। लीला इलेक्ट्रिकल्स के मालिक दयाचंद ने कहा कि जिस तरह दिल्ली में हालात बन रहे हैं, उसे देखते हुए अभी बीमारी से बचने का सबसे अच्छा तरीका सोशल डिस्टेसिंग और लॉकडाउन ही है।
पहले से जानकारी न होने से नहीं खोल पाए दुकानें
वजीराबाद के मैन बाजार में शनिवार को दुकानें पूरी तरह से बंद रही। राशन व सब्जियों की दुकान के अलावा किताबें व बिजली के सामान वाली दुकानें नहीं खुलीं। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें केंद्र सरकार की छूट के बारे में जानकारी नहीं थी, जबकि कुछ का कहना है कि जान है तो जहान है, इस कारण दुकान नहीं खोली। इलेट्रिक पार्ट्स दुकान चलाने वाले वजीराबाद निवासी अहमद खान का कहना है कि अभी कोरोना वायरस का प्रकोप काफी ज्यादा है। लगातार मामले आ रहे हैं। ऐसे में दुकान खोलना खतरे से खाली नहीं है।
कुछ दुकानदार दुकान पर पहुंचे लेकिन खोली नहीं
शाहदरा जिला के बाबरपुर रोड स्थित रोहताश नगर मार्केट में फैशन, ज्वैलरी की दुकान के साथ जूस ही नहीं बल्कि स्टेशनरी व बिजली के सामान की दुकान भी बंद रही। कुछ लोग दुकानों पर केंद्र सरकार के आदेश को देखते हुए पहुंच भी गए लेकिन दुकान नहीं खोलीं। दुकानदारों ने बताया कि सुबह इक्का-दुक्का दुकान ने शटर उठाया था लेकिन क्लियरिटी आने पर वो दुकान भी बंद कर दी गई। प्रवीण खंडेलवाल, कैट के महासचिव ने बताया कि सभी राज्य सरकारों के निर्णय का इंतजार करना होगा। जो निर्णय आएगा उसके हिसाब से काम करेंगे।
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