लॉकडाउन के दौरान की गई रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी होने की आशंका के बाद राज्य सरकार ने फरीदाबाद गुड़गांव समेत अन्य जिलों में 21 जुलाई तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच करा रही है। साथ ही गड़बड़ियों को रोकने के लिए वेब हेलरिस साफ्टवेयर को अपडेट करने की योजना थी। लेकिन एक महीने बाद भी अभी तक साफ्टवेयर अपडेट नहीं हो पाया है। इससे रजिस्ट्री कराने वालों को परेशानी हो रही है। जबकि सरकार ने 17 अगस्त से दोबारा रजिस्ट्री शुरू करने के लिए कहा था। रोज जिले की सभी तहसीलों और उपतहसीलों में डाक्यूमेंट राइटर, वकील और रजिस्ट्री कराने वाले लोग धक्के खाने को मजबूर हैं। रजिस्ट्री यहां कब से शुरू हो पाएंगी, अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। उधर डीसी यशपाल यादव का कहना है कि अभी प्रॉपर्टी की आईडी साफ्टवेयर में अपलोड करने का काम चल रहा है। इसलिए थोड़ा विलंब हो रहा है। उम्मीद है अगले सप्ताह से रजिस्ट्री शुरू करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई गाइड लाइन जरूर आ जाएगी। सरकार को शिकायतें मिलीं कि लॉकडाउन के दौरान फरीदाबाद और गुड़गांव में बड़े पैमाने पर रजिस्ट्री कराने में गड़बड़ी की गई। इसके बाद राज्य सरकार ने 22 जुलाई से रजिस्ट्री प्रक्रिया बंद कर दी और अब तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच करने के आदेश दिए। सरकार ने साफ्टवेयर अपडेट कर 17 अगस्त से रजिस्ट्री शुरू करने के लिए कहा था। लेकिन 30 दिन बीत जाने के बाद न साफ्टवेयर अपडेट हो पाया और न रजिस्ट्री सुरू हो पाई।
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो फरीदाबाद की सभी तहसीलों और उपतहसीलों (फरीदाबाद, बड़खल, बल्लभगढ़, मोहना, दयालपुर, धौज, गोंछी और तिगांव) में 27 अप्रैल से 21 जुलाई तक 4000 से अधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। कहा जा रहा है फरीदाबाद की अवैध कॉलोनियों की बड़ी संख्या में रजिस्ट्री की गई हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से यह खेल हुआ है। राज्य सरकार इन सभी की जांच करा रही है कि रजिस्ट्री करने में कहां गड़बड़ी हुई। सूत्रों ने यह भी बताया कि सरकार लॉकडाउन के अतिरिक्त जनवरी से अब तक हुई सभी रजिस्ट्रियों की जांच कर रही है।
न साफ्टवेयर अपडेट हुआ और न ई-टोकन मिल रहा
राज्य सरकार ने रजिस्ट्री की गड़बड़ी को रोकने के लिए वेब हेलरिस साफ्टवेयर को अपडेट कर नए तरीके से रजिस्ट्री 17 अगस्त से शुरू करने का भरोसा दिया था। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद न साफ्टवेयर अपडेट हो पाया और न ई टोकन मिल पा रहा। क्योंकि रजिस्ट्री कराने के लिए पहले जमाबंदी डॉट एनआईसी डॉट इन पर जाकर ई टोकन लेना पड़ता है। लेकिन सरकार अभी तक ई टोकन लेने की भी सुविधा नहीं शुरू कर पाई। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग तहसीलों एवं उपतहसीलों में धक्के खाने के लिए मजबूर हैं।
प्रापर्टी की आईडी नहीं हो पाई अपलोड: डीसी यशपाल यादव ने बताया कि प्रशासन को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की प्रॉपर्टी की आईडी सरकार को उपलब्ध करानी थी। जिससे उन सभी आईडी को साफ्टवेयर में अपलोड किया जा सके। उन्होंने बताया सरकार को सभी प्रॉपर्टी की आईडी उपलब्ध करा दी गई है। अब उन प्रॉपर्टी आईडी को साफ्टवेयर में अपलोड किया जा रहा है। जिससे रजिस्ट्री कराने के दौरान यह पता चल सके कि रजिस्ट्री नियमित क्षेत्र की है या अनियमित क्षेत्र की।
लॉकडाउन में इतनी रजिस्ट्रियां रोज हो रही थीं
तहसील/उपतहसील रजिस्ट्री की संख्या
फरीदाबाद 35 से 40
बड़खल 35 से 40
मोहना 10 से 12
दयालपुर 10 से 12
धौज 20 से 22
तिगांव 25 से 30
गौंछी 20 से 22
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3aLivCl
via IFTTT
No comments:
Post a Comment