सिविल सर्जन गुड़गांव ने एक गुप्त सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग एक टीम एक गर्भवती महिला को डिकोय के रूप में साथ लेकर लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में सरकारी खजाने से 50 हजार रुपए लेकर डिकोय को दिए गए। इसके बाद पहले दिल्ली के घेवरा मेट्रो स्टेशन लेकर पहुंचे और बाद बहादुरगढ़ के लिए रवाना हुए। जहां झज्जर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी विश्वास मे लेकर छापेमारी कर एक महिला समेत दो आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। इस संबंध में बहादुरगढ़ पुलिस को भी इस संबंध में लिखित शिकायत दी गई है। सीएमओ डा. विरेन्द्र यादव ने बताया कि एक क्लीनिक संचालक व एक अस्पताल में काम करने वाली नर्स दोनों मिलकर भ्रूण लिंग जांच का काम करते हैं। बताया गया कि नर्स गर्भ में लड़की होने पर गर्भपात भी करवाती है। इसके लिए 40 से 50 हजार रुपए लेते हैं। सूचना मिली थी कि दोनों गुड़गांव के अलग-अलग क्षेत्रों से गर्भवती महिलाओं को को दिल्ली, बहादुरगढ़ के आसपास के इलाकों में ले जाकर महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों के लिंग जांच करवाते हैं।
डाॅ. अनिल ने एक डिकोय के लिए गोरी से संपर्क किया, नकली ग्राहक बनकर चलने को कहा
गत 13 अगस्त को डाक्टर अनिल गुप्ता नोडल अधिकारी पीएनडीटी व डा. दीपांशु सैनी मेडिकल ऑफिसर को जांच के लिए अधिकृत किया गया। इसके बाद डा. अनिल गुप्ता ने एक डिकोय के लिए गोरी देवी से संपर्क किया और अपने नकली ग्राहक बनकर चलने को कहा। गोरीदेवी की सहमति के बाद टीम ने 50 हजार रुपए सरकारी खजाने से निकाले और नंबर नोट कर गोरी को दे दिए। इसके बाद टीम बहादुरगढ़ पहुंची और सूचना देने वाले से मिले। जिसने शिव कुमार से फोन पर संपर्क किया और गोरीदेवी के गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच करवाने की बात कही। इसके बाद शिवकुमार ने किसी अन्य से बात की और गोरी से 40 हजार रुपए ले लिए। जिनमें से 20 हजार रुपए अपने पास रख लिए जबकि 20 हजार रुपए मंशा देवी को दे दिए। इसके बाद शिव कुमार वापस चला गया और मंशी देवी डिकोय गोरी को लेकर बहादुरगढ़ स्थित ब्रह्मप्रकाश डायग्नोस्टिक सैंटर लेकर गई। इसके बाद लक्ष्य हेल्थ केयर सेंटर के लेटरहेड पर रेफरल पर्ची बनी हुई ली और दोबारा ब्रह्मप्रकाश डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचे जहां उनकी मुलाकात डा. सतीश प्रकाश ओहलान व मालिक रडियोलॉजिस्ट से हुई। उन्होंने अल्ट्रासाउंड के लिए पूछा तो डा. सतीश ने मंशा देवी से 700 रुपए लेकर रसीद दी। लेकिन गौरी देवी का पहचान पत्र या आधार कार्ड नहीं होने पर अल्ट्रासाउंड से मना कर दिया। इसके बाद मंशा देवी व गौरी सेंटर से बाहर आई और टीम को सारी बात बताई। इसके बाद शिव कुमार ने डिकोय से 40 हजार रुपए और मांगे। इसके बाद दलाल ने बात कर कहा कि वे 20 अगस्त को 12 बजे बुलाया। ऐसे में गत गुरुवार को बहादुरगढ़ मेट्रो स्टेशन के बताए स्थान पर पहुंचे। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग गुड़गांव की टीम ने झज्जर की टीम से संपर्क किया और इस भंडाफोड़ में उनके सहयोग की मांग की। इस पर झज्जर स्वास्थ्य विभाग की भी 40 हजार रुपए लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने गौरी को बताया कि रुपए मांगने पर वे इन रुपए को दें। इसके बाद शिव कुमार शाम 5 बजे वहां पहुंचा और मंशा देवी मेट्रो स्टेशन के नीचे आ गई। इसके बाद बहादुगढ़ व गुड़गांव की टीमें मंशा देवी को काबू कर लिया जबकि शिव कुमार को कुमार क्लीनिक से काबू कर लिया। दोनों के कब्जे से 38 हजार रुपए बरामद हुए। जबकि दो हजार रुपए अल्ट्रासाउंड के लिए दिए गए थे, वहां से बरामद किए। इसके बाद बहादुरगढ़ पुलिस को दोनों आरोपियों को सौंप दिया गया।
बिना डिग्री वाला डाक्टर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़
सीएमओ डा. विरेन्द्र ने बताया कि बिना डिग्री के शिव कुमार क्लीनिक चला रहा था जबकि मरीजों की जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ कर रहा था। इस पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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