किसान और सरकार के बीच हुई कई दौर की बातचीत के बाद भी बीच का अभी कोई रास्ता नहीं निकल सका है। अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के कई बार्डर पर किसान डेरा डाले हुए हैं, अब वे आठ दिसम्बर को भारत बंद का भी ऐलान कर चुके हैं। इसे लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी हरकत में आ चुकी हैं। पुलिस भी अपने स्तर पर किसानों की रणनीति का पता लगाने की कोशिश में लगी है।
किसान इस खास दिन के लिए किस तरह की प्लानिंग कर रहे हैं, पुलिस अपने खुफिया तंत्र के माध्यम से इसका पता लगाने में जुटी हुई है। पुलिस भी अपने स्तर पर भारत बंद के दौरान उत्पन्न होने वाली हर तरह की स्थिति का सामना करने के लिए तैयारी में जुटी है।
किसानों का अगला टारगेट बदरपुर बार्डर को बंद करने का है, जिसे लेकर वह अपनी मंजिल की ओर धीरे धीरे बढ़ रहे हैं। इस सबके बीच रविवार को भी दिल्ली के कई बॉर्डरों पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
किसानों ने दिल्ली-नोएडा के बीच होने वाली आवश्यक सेवाएं रोकने की चेतावनी
सिंघू बार्डर पर बॉक्सर विजेंद्र सिंह किसान आंदोलन का हिस्सा बने और उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर केंद्र सरकार कृषि कानून को वापस नहीं लेती तो वह अपना राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार को वापस लौटा देेगें। चिल्ला बार्डर पर धरने पर बैठे किसानों ने नोएडा दिल्ली के बीच होने वाली आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को बाधित करने तक की चेतावनी दे दी है।
दूसरी तरफ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सतर्क कर रही है कि किसानों के विरोध प्रदर्शन की वजह से कौन से रास्ते बंद हैं, जनता किन रास्तों का इस्तेमाल करे और किनका नहीं।
रविवार को किसान आंदोलन की वजह से चिल्ला बार्डर के दोनों मार्ग पूरी तरह से बंद रहे। दिल्ली से गाजियाबाद जाने के लिए एनएच 24 गाजियाबाद बार्डर तो खुला हुआ है लेकिन गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाला मार्ग बंद है। इसी तरह सिंघू बार्डर, औचंदी, पियाऊ, मनियारीख मंगेश बार्डर भी बंद है।
सिंघू बॉर्डर पर रविवार को भी सरकार के खिलाफ होते रहे नारेबाजी और भाषण
सिंघू बॉर्डर पर रविवार को भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी और उनकी नाकामियों को लेकर स्टेज से स्पीच होती रही। लेकिन इस बीच जिला पुलिस उपायुक्त ने आधा दर्जन किसान नेताओं को बुलाकर होने वाली गड़बड़ियों के बारे में भी आगाह किया।
जिनको किसान नेताओं की तरफ से पूरा आश्वासन ही नहीं मिला बल्कि उनको शरारती तत्वों को पहचान कर उनको आंदोलन से बाहर करने की भी बात कही गई। पुलिस और किसानों के बीच मेलजोल दिखाई दिया। दोनों ने कहा कि दोनों अपनी अपनी डयूटी कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने सिंघू बॉर्डर पर अपनी फोर्स के लिए मनोरंजन का पूरा इंतजाम कर लिया है। रविवार को जहां किसान आंदोलनकारी स्टेज से स्पीच दे रहे थे और दूसरी तरफ पुलिस फोर्स जमीन पर बैठकर नजरें रखे हुए है।
किसानों के भारत बंद के समर्थन में सड़क पर उतरेंगे आप कार्यकर्ता
केन्द्र से कृषि बिल को वापिस लेने के मांगो को लेकर किसानों द्वारा भारत बंद का आम आदमी पार्टी ने समर्थन किया है। आठ दिसंबर को किसानों के भारत बंद के समर्थन में आम आदमी पार्टी की देश भर के कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे।
आप आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान 10 दिन से सड़कों पर हैं। इस प्रदर्शन में बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी ठंड की रात में सड़कों पर खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। गोपाल राय ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं है। यह देश की लड़ाई है और अगर कृषि को खत्म कर दिया जाएगा तो देश भी खत्म हो जाएगा।
खुले रास्तों की जानकारी देती रही पुलिस| वहीं टिकरी बार्डर, झड़ौदा बार्डर भी ट्रैफिक मूवमेंट के लिए बंद है। बदूसराय बार्डर कार और दुपहिया वाहन चालकों के लिए खुला हुआ है। दिल्ली से हरियाणा जाने वाले लोग धांसा, दौराला, कापसहेडा, रजौकरी, एनएच 8, बिजवासन, पालम विहार का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसके अलावा बदरपुर, आया नगर, कालिंदी कुंज और सूरज कुंड बार्डर अभी दोनों तरफ से वाहनों के लिए खुला हुआ है। जबकि नोएडा लिंक रोड चिल्ला बार्डर बंद है, क्योंकि गौतमबुद्ध नगर के नजदीक किसान डटे हुए हैं। पुलिस ने नोएडा से दिल्ली आने वाले लोगों को नोएडा लिंक रोड के बजाए डीएनडी का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
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