ठेके खुलते ही उमड़ी भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ीं धज्जियां तो पुलिस ने दिखाई सख्ती, इसके बाद लाइनों में नजर आए लोग

राज्य सरकार द्वारा मंगलवार शाम शराब की दुकानें खोलने की घोषणा करते ही शहर के सोमरस प्रेमियों की मौज आ गई। शहर के कई इलाकों में लोग रात को ही ठेके पर पहुंच गए थे। हालांकि कुछ देर घूमने के बाद वापस लौट गए। बुधवार सुबह आठ बजे जैसे ही दुकानें खुलनी शुरू हुईं लोग शराब खरीदने के लिए टूट पड़े। इस दौरान शराब प्रेमी सोशल डिस्टेंसिंग भी भूल गए। सूचना मिलने पर संबंधित थानों की पुलिस ठेकों पर पहुंची। जब सख्ती दिखाई तो लोग लाइनों में लगने शुरू हो गए। दोपहर बाद तक कई दुकानों से स्टॉक ही खत्म हो गया। जानकर हैरानी होगी कि 42 दिन की बंदी के बाद ठेके पर पहुंचे बहुत ऐसे भी लोग थे जो पूरी पेटी ही ले गए। शराब खरीदने की बेताबी इस कदर रही कि लोग घंटों लाइन में लगे रहे। उधर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी कई दुकानों पर सामान उपलब्ध नहीं है। एक-दो दिन में सप्लाई आने के बाद अलॉट की गई दुकानें खोल दी जाएंगी।
गाइडलाइन के अनुसार ठेके खोलने की दी गई अनुमति

लॉकडाउन पार्ट थ्री शुरू होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ इलाकों में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने की छूट प्रदान की है। लेकिन इसमें भी सुरक्षा के मानक तय किए गए हैं। इसी क्रम में मंत्रालय ने शराब की दुकानें खोलने की भी मंजूरी दी है। इसमें कहा गया है कि ठेके पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जाए। ये जिम्मेदारी संबंधित दुकानदार की भी होगी। इसके अलावा मास्क पहनना अनिवार्य है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता हुआ पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार को हर माह करीब 400 करोड़ का राजस्व
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार को प्रदेश से हर माह करीब 400 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। इस प्रकार सालाना राजस्व करीब 4800 करोड़ तक पहुंच जाता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा में मार्च और अप्रैल महीने में शराब की ज्यादा बिक्री होती है। एक तरफ जहां मार्च में साल के अंत में पुराना स्टॉक खत्म करने के लिहाज से शराब की बिक्री बढ़ाई जाती है, तो वहीं अप्रैल में फसल कटने के दौरान अचानक शराब की बिक्री में वृद्धि होती है। लेकिन इस वित्तीय साल में हुए लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री बंद रही। इससे सरकार को करीब 400 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हो चुका है।

सुबह दुकानें खुली नहीं कि लोग लाइनों में लग गए
मंगलवार रात जैसे ही शराब की दुकानें खुलने की सूचना लोगों को मिली कई लोग अपने आसपास की दुकानों को देखने पहुंच गए। डबुआ कॉलोनी, बाटा चौक, नीलम बाटा रोड, बाइपास रोड, मेवला महराजपुर, सराय, हाईवे, ग्रेटर फरीदाबाद आदि स्थानों पर सोमरस प्रेमी रात में चक्कर काटकर लौट गए थे। बुधवार सुबह आठ बजे जैसे ही दुकानें खुलनी शुरू हुईं उसके पहले से ही लोग लाइनों में लग गए थे। दुकान खुलते ही लोग खरीदने के लिए टूट पड़े। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना शुरू किया।

150 से 500 रुपए बाेतल महंगी बिकी शराब

करीब 42 दिन से ठेके बंद होने के कारण सप्लाई न आने से बुधवार को दुकानदारों ने ब्रांड के हिसाब से प्रति बोतल 150 से 500 रुपए तक महंगी बेची। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के पहले ही हरियाणा सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को रिवाइज कर दिया था। इसलिए दुकानदारों ने बढ़ी एक्साइज ड्यूटी के आधार पर शराब बेची। नाम न छापने की शर्त पर एक दुकानदार ने बताया कि यहां ब्रांड पर कोई एमआरपी रेट नहीं है। उसने बताया कि दुकानों में स्टॉक सीमित है। क्योंकि दुकानें एक महीने से अधिक समय से बंद पड़ी हैं। मांग अधिक होने के कारण हर दुकानदार करीब 150 से 500 रुपए तक महंगी बेच रहा है।
कंटेनमेंट एरिया में दुकानें खोलने की अनुमति नहीं

इक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के डिप्टी कमिश्नर एसपीएस चौहान ने बताया कि फरीदाबाद के जिन इलाकों को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है वहां अभी दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया पूरे शहर में 106 जोन हैं जिनमें से 16 जोन में अभी दुकानें अलॉट नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया फरीदाबाद में गुड़गांव, झज्जर, पानीपत, अंबाला, पंचकूला समेत प्रदेश के अन्य जिलों से सप्लाई आती है। उम्मीद है गुरुवार से ठेकेदारों की सप्लाई शुरू हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि लॉकडाउन के चलते अगले आदेश तक किसी भी शॉपिंग मॉल में शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी। जिन ठेकेदारों ने अपनी 10 प्रतिशत फीस जमा कराई हुई है, उन्हें ही ठेके खोलने की अनुमति दी गई है।

धूप में घंटे भर तक लाइन में लगे रहे खरीदार

एक ओर जहां काेरोना संक्रमण के कारण गरीब और मजदूरों को दो वक्त की रोटी मिलना मुश्किल हाे रहा है वहीं एक तबका ऐसा भी है जिसे इसकी कोई परवाह नहीं है। शराब के प्रति दीवानगी का आलम यह रहा कि कार व बाइक सवार लोग एक से डेढ़ घंटे तक लाइन में शराब खरीदने के लिए लगे रहे। ऊपर से 150 से 500 रुपए तक महंगी खरीदी। इसे देखकर कहा जा सकता है कि लोगों को दवा की नहीं दारू की अधिक जरूरत महसूस हो रही है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह के अनुसार पूरे शहर में संबंधित थानों को अलर्ट कर दिया गया था। कहीं भी भीड़ बेकाबू होने की बात सामने नहीं आई।



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फरीदाबाद। एक साथ पूरी पेटी खरीदकर ले जाता ग्राहक।


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