मरकज सेंटर के मुखिया मौलाना साद अब भी जांच एजेंसियों की पकड़ से दूर हैं। प्रवर्तन निदेशालय की टीम के ने उन पर शिकंजा कसने के लिए भी तब्लीगी जमात के 15 से ज्यादा ठिकानों पर आज छापेमारी की। इनमें दिल्ली में सात, मुम्बई में पांच और केरल के तीन और हैदराबाद के ठिकाने शामिल हैं। ये वो जगह है, जहाँ मौलाना के नजदीकी लोग रहते हैं। जांच एजेंसी इन जगहों पर फंडिंग के सुराग तलाश रही है। दिल्ली में हुई रेड के दौरान ईडी की टीम जाकिर नगर में भी गयी, जहाँ मौलाना साद कोरोना मामले के बाद से रह रहा था।
बताया गया है वह यहाँ पर नहीं मिला। तब्लीगी जमात का मरकज़ निजामुद्दीन में है। इसे जमात का हेडक्वार्टर कहा जाता है, जो दुनिया का सबसे बड़ा मरकज़ है। इस मरकज़ सेंटर में हीं कोरोना काल या कहें पहले लॉक डाउन के वक्त करीब दो हज़ार लोग रह रहे थे। देश विदेश से आये इन लोगों के रहने खाने पीने का सब इंतजाम यहीं था। इसका रोज का खर्च मोटा था।
मरकज को रुपया कहाँ से आ रहा और उसका जरिया क्या था ईडी इसी बिंदु पर जांच कर रही है। तब्लीगी जमात का नाम कोरोना को लेकर सुर्खियों में आया था और इल्जाम लगा था कि जमात के लोग जान बूझकर कोरोना फैला रहे हैं। इस मामले को लेकर क्राइम ब्रांच ने भी केस दर्ज किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस साद तक नहीं पहुँच सकी थी।
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