दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने शुक्रवार को सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेजों के अनुदान में कथित देरी के विरोध में मानव श्रृंखला बनायी। डूटा के सदस्य मध्य दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में एकत्र हुए और उन्होंने आरोप लगाया कि इन कॉलेजों में कर्मचारियों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। राजधानी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर राजेश झा ने कहा, ‘कर्मचारियों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। हर कोई इससे प्रभावित है। कॉलेजों के पास बिजली और टेलीफोन के बिलों का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं हैं।
हम दिल्ली सरकार से जल्द से जल्द राशि जारी करने का अनुरोध करते हैं।’ दिल्ली विश्वविद्यालय और आप सरकार के बीच 28 कॉलेजों में शासी निकाय के गठन को लेकर गतिरोध है। ये कॉलेज नगर सरकार द्वारा आंशिक रूप से या पूरी तरह से वित्त पोषित हैं। डूटा अध्यक्ष राजीब रे ने कहा कि बहुत हो गया और अब वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘पिछले चार महीनों से, दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों को, जो नगर सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं, पर्याप्त धन नहीं मिल रहा है। इसलिए, हम आज विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं कि अब बहुत हो चुका। सभी 12 कॉलेजों को पैसे मिलने चाहिए।’ प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थी। उन पर वेतन और अनुदान जारी किए जाने की मांग की गयी थी। उन पर लिखा था कि 2,400 से अधिक कर्मचारी पिछले चार महीनों से बिना वेतन के हैं।
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