नए कृषि कानूनों के विरोध में 8 दिसंबर को ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन कमेटी ने बंद की अपील की है। इसके समर्थन में कांग्रेस समेत 11 सियासी दल और 10 ट्रेड यूनियन आ गई हैं। किसान नेता बलदेव सिंह निहालगढ़ ने बताया कि बंद सुबह से शाम तक और चक्का जाम दोपहर 3 बजे तक रहेगा।
एम्बुलेंस और शादियों वाली गाड़ियां आ-जा सकेंगी। पंजाब के खिलाड़ी व कलाकारों ने सोमवार को अवॉर्ड वापसी का ऐलान किया है।
(मनीषा भल्ला) नए कृषि कानूनों के विरोध में यहां किसानों को डटे 11 दिन हो चुके हैं। बॉर्डर पर करीब एक लाख प्रदर्शनकारियों के लिए दिन-रात लंगर बनाया जा रहा है। इसमें जूस, पिज्जा, देसी घी के लड्डू, जलेबियां, गोलगप्पे, बादाम-अखरोट तक बंट रहे हैं। नेशनल हाईवे पर मीलों ट्रैक्टर ट्रॉली की कतारें हैं, इन्हीं को प्रदर्शनकारी किसानों ने घर भी बना लिया है।
आंदोलन में आए कई किसान खुद ही कह रहे हैं ऐसा प्रदर्शन जीवन में पहली बार देख रहे हैं। कई किसान तो विदेश से प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। हर दस कदम पर लंगर है। सब्जियों में मटर-पनीर, आलू-गोभी, छोले पूरी, मूली के पराठे, आलू-प्याज के पराठे भी बन रहे हैं। पंजाब के एक गांव से देसी घी से बनी 15 टन पिन्नियां आई हैं।
मलेरकोटला के मुस्लिम समाज ने वेज पुलाव का लंगर लगाया हुआ है। रात को सर्दी न लगे इसलिए गरम चादरें बंट रही हैं। साबुन, ब्रश और पेस्ट भी मिल रहा है। गुरदासपुर से आए सविंदरपाल सिंह मंच संचालक कमेटी के सदस्य हैं। उन्होंने बताया, ‘आंदोलन की तैयारी 65 दिन से चल रही थी। एनआरआई पंजाबी भी भरपूर योगदान दे रहे हैं।’ आंदोलन स्थल पर 15 मेडिकल कैंप लगे हुए हैं।
जगराओं के सज्जेवाल गांव से आए विक्रम सिंह बताते हैं आज गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और राजस्थान से भी किसान आए हैं। मुख्य धरना स्थल पर पंजाब-तमिलनाडु एकता के नारे लग रहे हैं। क्योंकि, हाल ही में यहां 10 किसान तमिलनाडु से आए हैं।
उन्होंने बताया कि 300 किसानों के टिकट रद्द कर दी गई। महाराष्ट्र के किसानों के टिकट भी रद्द कर दिए गए। धरना स्थल पर डेनमार्क, न्यूजीलैंड, कैनेडा, कैलाफोर्निया के बैनर लगे हुए हैं। एनआरआई विदेश से मदद भेज रहे हैं। खुद भी आ रहे हैं।
मोबाइल एप पर आंदोलन के लिए मीटिंग करती हैं महिला किसान
(ननु जोगिंदर सिंह) सुबह-सुबह महिला किसान नेता आस-पास के दफ्तरों और बहादुरगढ़ नगर निगम के अस्थायी वॉशरूम में नहाकर तैयार हैं। सुबह 8:30 तक सड़क पर कई ट्रॉलियों के बीच बने चूल्हों पर परांठे बन चुके हैं। एक ट्रॉली के बीच टोहाना और बठिंडा के एक गांव से आए किसान मिलकर खाना पका रहे हैं।
बता रहे हैं हरियाणियों को रोटी बढ़िया बनानी आती है और पंजाबियों को सब्जी, इसलिए मिलकर पका रहे हैं। करीब 70 साल के एक बुजुर्ग कहते हैं कि ‘बेटा हम एक ही थे, पंजाब बड़ा भाई और हरियाणा छोटा, दोनों साथ हैं तो सबक सिखा ही देंगे।’ एक महिला किसान धरना स्थल पर मंच साफ करवा रही हैं, तो हरियाणा के एक बुजुर्ग युवाओं को सुरक्षा कर्मियों के आगे से हटने के लिए अपील कर रहे हैं, कह रहे हैं- जोश के साथ होश जरूरी है। ये भविष्य की लड़ाई है, सब्र से लड़ी जाएगी।
रात के 8 बज चुके हैं। ट्रैक्टर की ट्रॉली में लगे चार्जिंग पॉइंट से मोबाइल चार्ज हो रहे हैं। जसवीर कौर नत्त किसान आंदोलन से जुड़ी चंडीगढ़ की एक टीचर और मुंबई से पंजाब वुमन कलेक्टिव की कामायनी के साथ मीटिंग चल रही है, वो भी मोबाइल एप पर। किसानों के प्रदर्शन में महिलाओं की भूमिका पर बात की जा रही है। आगे की रणनीति भी तय हो रही है।
इन दिनों कपास चुनने का और गेहूं की बुवाई का सीजन है इसलिए आंदोलन में 20% से 25% महिलाएं ही पहुंची हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली ही किसानों का घर है। जिसमें मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, लाइट, चढ़ने के लिए सीढ़ियां, भोजन रखने के लिए जगह बनाई गई हैं।
...और सरकार का रुख
कानून वापसी नहीं, संशोधन कर सकते हैं: कैलाश चौधरी
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा, ‘मैं नहीं मानता असली किसान, जो अपने खेतों में काम कर रहे हैं, वे इस बारे में चिंतित हैं। कुछ राजनीतिक लोग आग में घी डाल रहे हैं। मुझे नहीं लगता कानून वापस लिए जाने चाहिए। जरूरत पड़ी तो इनमें कुछ संशोधन हो सकते हैं।’
- यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु के किसानों ने इस बंद का समर्थन किया है।
- विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने 9 दिसंबर को राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा है। इंग्लैंड में किसान आंदोलन के समर्थकों ने भारतीय हाईकमीशन का घेराव किया।
- ओलिंपिक मेडलिस्ट बॉक्सर विजेंदर सिंह ने कहा, ‘कानून वापस नहीं हुए तो मैं राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार वापस कर दूंगा।’
- मुंबई में अकाली दल के नेता महाराष्ट्र के सीएम उद्धव से मिले। उद्धव ने आंदोलन का समर्थन किया। दो हफ्ते बाद दिल्ली में होने वाली बैठक में भी वे हिस्सा लेंगे।
- यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को नोएडा-गाजियाबाद में सतर्कता बरतने और प्रदेश में कहीं भी सड़कों पर जाम न लगने देने की हिदायत दी है।
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